Friday, 25 September 2026
Punjab
Fazilka News-:फाजिल्का में परमल धान का रकबा बढ़ा- खरीद लक्ष्य घटा: आढ़तियों ने बुलाई बैठक, बोले- जिला ब्लैकलिस्ट, राजस्थान से धान आने का आरोप
फाजिल्का- फाजिल्का की अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मंडी के समस्त आढ़ती भाइयों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक का मुख्य विषय पंजाब सरकार द्वारा आगामी सीजन के लिए धान की सरकारी खरीद की लिमिट (टारगेट) घटाने को लेकर जारी किया गया पत्र रहा। आढ़तियों ने सरकार के इस फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे किसान और आढ़ती वर्ग दोनों के लिए बड़ा संकट करार दिया है।
बैठक के बाद आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष गोल्डी सचदेवा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि फाजिल्का क्षेत्र में इस बार परमल धान की बिजाई पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हुई है। ऐसे में खरीद का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने उल्टा खरीद का कोटा कम कर दिया है। यदि मंडी में पूरे धान की सरकारी खरीद नहीं हुई, तो मंडियों में जाम की स्थिति बन जाएगी और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
राजस्थान बॉर्डर के कारण ब्लैकलिस्ट की आशंका, उठाई गई सख्त हिदायत
गोल्डी सचदेवा ने बताया कि सूत्रों के अनुसार, फाजिल्का जिला राजस्थान सीमा से सटा होने के कारण पिछले समय में राजस्थान का धान अवैध रूप से यहां लाकर बेचने की शिकायतें मिली थीं। इसी वजह से जिले की खरीद लिमिट कम कर फाजिल्का को एक तरह से संदेहास्पद श्रेणी (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया गया है। इस समस्या से निपटने के लिए एसोसिएशन ने कड़ा कदम उठाया है?
यह किया जाएगा
स्व-घोषणा पत्र: अब मंडी में फसल लाने वाले प्रत्येक किसान से यह स्व-घोषणा पत्र लिया जाएगा कि वह फाजिल्का जिले का ही स्थायी निवासी है और यह धान उसकी अपनी जमीन का है। आढ़तियों को सख्त निर्देशः सभी आढ़तियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे केवल स्थानीय किसानों की ही फसल मंडी में दर्ज करें, ताकि बाहरी राज्यों का धान मंडी में न आ सके।
सरकार से समीक्षा की मांग
आढ़ती एसोसिएशन ने सरकार को आश्वस्त किया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेंगे ताकि मंडी में आने वाला एक-एक दाना केवल फाजिल्का के किसानों का ही हो। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि राजस्थान बॉर्डर से सटे होने का खामियाजा फाजिल्का के स्थानीय किसानों और आढ़तियों को न भुगतना पड़े, इसलिए सरकार तुरंत अपने फैसले की समीक्षा करे और धान खरीद का टारगेट बढ़ाए।