दिल्ली पुलिस ने ब्रिटिश एयरवेज के नाम पर चल रही फर्जी नौकरी ठगी का भंडाफोड़ किया
दिल्ली पुलिस की साइबर पुलिस स्टेशन टीम ने एक बड़े फर्जी एयरलाइन जॉब रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट “ब्रेटिश एयरवेज” (ब्रिटिश एयरवेज का गलत नाम) और “फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट” के नाम पर चल रहा था।केंद्रीय जिला के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) के अधीन साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने इस मामले में कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड, वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर्स शामिल हैं।कैसे काम करता था यह ठगी का जाल?आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाई थीं। इन वेबसाइटों के जरिए वे नौकरी चाहने वाले युवाओं को लुभाते थे। उन्हें ब्रिटिश एयरवेज जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन और एडमिशन फीस के नाम पर पैसे ठगते थे। कई युवा इन फर्जी वादों के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे।पुलिस को क्या मिला?छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और दो रजिस्टर बरामद किए। इन रजिस्टरों में नौकरी चाहने वालों का विस्तृत डेटा दर्ज था, जिससे ठगी के दायरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।अतिरिक्त डीसीपी-II (केंद्रीय जिला) प्रशांत चौधरी ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों को सार्वजनिक रूप से पेश भी किया।क्या कहती है पुलिस?दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे फर्जी नौकरी के जाल में फंसने से बचने के लिए नागरिकों को किसी भी कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट और भर्ती प्रक्रिया की जांच करनी चाहिए। संदिग्ध वेबसाइट या कॉल आने पर तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की साइबर ठगी के खिलाफ लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और आगे की जांच जारी है।नोट: अगर आप या आपके जानने वाले किसी को भी ऐसी फर्जी नौकरी की पेशकश मिली है तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। सावधान रहें, ठगी से बचें।