Skip to content

जलालाबाद में अघोषित बिजली कटों के विरोध में हाईवे पर धरना, लोगों ने रातभर ब्लैकआउट का आरोप लगाया

प्रदर्शन फिरोजपुर रोड पर नेजा कॉलोनी के बाहर, डीएसपी कार्यालय के निकट लाइटों वाले चौक तथा फाजिल्का रोड पर बबलू एन्क्लेव के बाहर किया गया। लोगों ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और रात के समय कट न लगाने की मांग उठाई।

जलालाबाद में अघोषित बिजली कटों के विरोध में हाईवे पर धरना, लोगों ने रातभर ब्लैकआउट का आरोप लगाया
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

 

जलालाबाद। अघोषित बिजली कटों से परेशान स्थानीय निवासियों ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से गोविंद नगरी और भगवानपुरा सहित कुछ रिहायशी क्षेत्रों में रात के समय लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन फिरोजपुर रोड पर नेजा कॉलोनी के बाहर, डीएसपी कार्यालय के निकट लाइटों वाले चौक तथा फाजिल्का रोड पर बबलू एन्क्लेव के बाहर किया गया। लोगों ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और रात के समय कट न लगाने की मांग उठाई।

शाम से सुबह तक बिजली गुल रहने का दावा

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक स्थानीय निवासी ने बताया कि उनके क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से शाम 6 या 7 बजे बिजली बंद कर दी जाती है और अगली सुबह करीब 6 बजे आपूर्ति बहाल होती है। उन्होंने कहा कि शाम के भोजन के समय और सुबह पानी आने के समय बिजली न होने से लोगों को गंभीर परेशानी हो रही है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, बिजली न होने से पानी की किल्लत बढ़ गई है। गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग से संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्र की बिजली काटी गई है।

बच्चों की पढ़ाई और दुकानदारों के काम पर असर का आरोप

स्थानीय निवासियों ने कहा कि बच्चों की परीक्षाएं निकट हैं और दुकानदारों का कामकाजी सीजन शुरू होने वाला है। उनका कहना है कि रात में बिजली न होने से नींद प्रभावित हो रही है, जिसका असर बच्चों की पढ़ाई और व्यापारियों के काम पर पड़ सकता है।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे हर महीने भारी बिजली बिल जमा करते हैं, फिर भी लंबे कटों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि बिजली कट आवश्यक हों तो उन्हें दिन के समय लगाया जाए, ताकि रात में लोग आराम कर सकें।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से रिहायशी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की।