वैध वीजा के बावजूद एनओसी का हवाला देकर रोकने का आरोप, अमित मुटनेजा ने दोनों सरकारों से धार्मिक यात्राएं सुगम बनाने की अपील
जलालाबाद, 12 सितंबर: सेवा भारती जलालाबाद के प्रधान अमित मुटनेजा ने पाकिस्तान के फैसलाबाद एयरपोर्ट पर भारत स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए आने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को रोके जाने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी श्रद्धालुओं को पहले से स्पष्ट रूप से उपलब्ध करवाई जानी चाहिए, ताकि वीजा मिलने के बाद अंतिम समय में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एनओसी नहीं होने का हवाला देकर रोके जाने का आरोप
अमित मुटनेजा के अनुसार, जत्थे में शामिल सिख श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें फैसलाबाद एयरपोर्ट पर जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं होने का हवाला देकर रोक दिया गया। श्रद्धालु भारत में स्थित श्री हरिमंदिर साहिब, श्री हेमकुंट साहिब और श्री आनंदपुर साहिब सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए आने की तैयारी कर चुके थे।
अंतिम समय पर यात्रा रुक जाने के कारण श्रद्धालुओं को कथित तौर पर आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोनों देशों की सिख संगत का गुरुधामों से गहरा संबंध
मुटनेजा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान में रहने वाली सिख संगत का ऐतिहासिक गुरुधामों के साथ गहरा धार्मिक और भावनात्मक संबंध है। दोनों देशों के सिख श्रद्धालु धार्मिक यात्राओं के लिए एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं से संबंधित नियमों, अनुमति और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी श्रद्धालुओं को यात्रा से काफी पहले उपलब्ध करवाई जानी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
यात्रा से पहले स्पष्ट हो एनओसी की प्रक्रिया
अमित मुटनेजा ने कहा कि यदि एनओसी किसी सरकारी प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है तो संबंधित अधिकारियों की ओर से इसकी जानकारी यात्रा से पहले स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वीजा मिलने के बाद एयरपोर्ट पर किसी अतिरिक्त दस्तावेज के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा रुकना चिंता का विषय है। इससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बुजुर्ग श्रद्धालु ने जताई निराशा
उन्होंने बताया कि जत्थे में शामिल एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने बातचीत के दौरान अपनी निराशा व्यक्त की। श्रद्धालु के अनुसार, वह बड़ी श्रद्धा के साथ भारत के ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए तैयार हुए थे, लेकिन अंतिम समय पर यात्रा रुक जाने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
मुटनेजा के अनुसार, श्रद्धालुओं ने इस घटना को लेकर अपनी परेशानी और निराशा व्यक्त की है।
एयरपोर्ट पर रात गुजारने का भी आरोप
अमित मुटनेजा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी इमीग्रेशन अधिकारियों की ओर से एनओसी का हवाला देकर श्रद्धालुओं को रोका गया और उन्हें रात एयरपोर्ट पर गुजारनी पड़ी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों से जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की वास्तविक स्थिति और एनओसी से संबंधित प्रक्रिया स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि भविष्य में धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस प्रकार की स्थिति का सामना न करना पड़े।
दोनों सरकारें आपसी सहयोग से आसान बनाएं धार्मिक यात्राएं
अमित मुटनेजा ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं दोनों देशों की सिख संगत को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने मांग की कि सिख श्रद्धालुओं को अपने ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के अधिक से अधिक अवसर मिलें और यात्रा से जुड़े नियम एवं आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पहले से स्पष्ट की जाए, ताकि अनावश्यक रुकावटों से बचा जा सके।
एक्सपर्ट व्यू
धार्मिक यात्रा और वीजा प्रक्रिया से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय धार्मिक यात्राओं में वीजा के अलावा कुछ अतिरिक्त अनुमति या दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों के लिए संबंधित सरकारों और अधिकृत अधिकारियों से यात्रा से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। किसी भी घटना में जिम्मेदारी तय करने से पहले संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी और दस्तावेजी स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
निष्कर्ष
फैसलाबाद एयरपोर्ट पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को कथित तौर पर एनओसी के कारण रोके जाने के मामले ने धार्मिक यात्राओं की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अमित मुटनेजा ने दोनों देशों की सरकारों से इस तरह की यात्राओं के लिए स्पष्ट प्रक्रिया बनाने और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए आपसी सहयोग की अपील की है।