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प्रथम प्रकाश गुरुपर्व पर धार्मिक समागम, गुरबाणी के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान

गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार में बड़ी संख्या में संगत ने माथा टेका, अशोक कुमार अनेजा ने भी की शिरकत

प्रथम प्रकाश गुरुपर्व पर धार्मिक समागम, गुरबाणी के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान
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जलालाबाद, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रथम प्रकाश गुरुपर्व को समर्पित विशेष धार्मिक समागम गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार, गोबिंद नगरी जलालाबाद में श्रद्धा और सत्कार के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत गुरु घर पहुंची और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरबाणी कीर्तन और कथा-विचार से संगत को दिया संदेश

धार्मिक समागम के दौरान गुरबाणी कीर्तन, कथा-विचार और गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया। इस दौरान संगत को गुरबाणी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने तथा सरबत के भले के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।

समागम में मानवता की चढ़दी कला और सरबत के भले के लिए अरदास भी की गई।

अशोक कुमार अनेजा ने गुरु घर में टेका माथा

इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार अनेजा ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने गुरु घर में नतमस्तक होकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और संगत को प्रथम प्रकाश गुरुपर्व की बधाई दी।

अशोक अनेजा ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी संपूर्ण मानवता के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं। गुरबाणी मनुष्य को सत्य, सेवा, सिमरन, नम्रता और सरबत के भले का मार्ग दिखाती है।

उन्होंने संगत से गुरबाणी से जुड़ने और गुरमत के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

संगत ने श्रद्धा के साथ लिया धार्मिक समागम में हिस्सा

समागम में संगत ने श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया और गुरबाणी कीर्तन एवं कथा-विचार का श्रवण किया। धार्मिक आयोजन के दौरान गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में उतारने तथा समाज में प्रेम, सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य दर्शन सिंह बराड़, पूर्व पार्षद गुरविंदर पाल सिंह घारू, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य, सेवादार तथा बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।

समागम की समाप्ति पर संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया।

एक्सपर्ट व्यू

धार्मिक एवं सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं में मानवता, सेवा, समानता, विनम्रता और सर्वजन कल्याण का व्यापक संदेश मिलता है। प्रथम प्रकाश गुरुपर्व जैसे धार्मिक आयोजन संगत को इन आध्यात्मिक एवं सामाजिक मूल्यों से जुड़ने और उन्हें अपने व्यवहारिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

निष्कर्ष

जलालाबाद के गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार में प्रथम प्रकाश गुरुपर्व के अवसर पर आयोजित धार्मिक समागम में बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया। गुरबाणी कीर्तन, कथा-विचार और अरदास के माध्यम से संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने तथा सरबत के भले की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।