ड्यूटी में देरी और गैरहाजिरी के आरोपों पर सिविल सर्जन को मौके पर बुलाया, स्टाफ ने भी जताई परेशानी; डोप टेस्ट की मांग उठी
फाजिल्का (दलीप दत्त): फाजिल्का के नजदीकी गांव आसफवाला स्थित आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक में तैनात डॉक्टर के कथित तौर पर समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने और कभी-कभी गैरहाजिर रहने की शिकायतें मिलने के बाद फाजिल्का के विधायक नरेंद्र पाल सिंह सवना खुद मामले की जांच के लिए मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सिविल सर्जन को भी मौके पर बुलाया। इस दौरान क्लीनिक के स्टाफ की ओर से भी संबंधित डॉक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर परेशानी होने की बात सामने आई।

सरकारी ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: विधायक सवना
विधायक नरेंद्र पाल सिंह सवना ने स्पष्ट किया कि सरकारी ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई डॉक्टर या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाता, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विधायक ने दोहराया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति तथा मरीजों को उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेवजह परेशान नहीं होने दिया जाएगा। मामले से संबंधित शिकायत की प्रति फाजिल्का के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को भी देने की बात कही गई।
स्टाफ ने उठाए सवाल, डोप टेस्ट की जांच की मांग
दूसरी ओर, नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कुछ स्टाफ कर्मचारियों ने संबंधित डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और डोप टेस्ट करवाने की मांग की। कर्मचारियों की ओर से कुछ अन्य आरोप भी लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यदि डोप टेस्ट या अन्य किसी जांच की मांग पर संबंधित विभाग कार्रवाई करता है, तो तथ्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, डॉक्टर के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच के जरिए सत्यापित किया जाना आवश्यक है।
नशे के खिलाफ मुहिम के बीच उठे सवाल
पंजाब सरकार की ओर से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों से जुड़े किसी भी गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता बनी रहे और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस पूरे मामले पर जब डॉक्टर का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल 941XX-XXX70-नंबर को फोन किया गया तो उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया।
संपादकीय स्पष्टीकरण: पंजाब पत्रिका और लिविंग फाजिल्का समाचार पत्र एवं वेब पोर्टल संबंधित डॉक्टर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करते। डोप टेस्ट और अन्य आरोपों को फिलहाल अपुष्ट शिकायतों के रूप में ही प्रस्तुत किया जा रहा है। संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की जाती है, ताकि तथ्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने आ सके। संबंधित डॉक्टर का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।