फाजिल्का, ए.वी. पब्लिक स्कूल, फाजिल्का में शनिवार को दशहरा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय में ब्लूम्स-1 से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 की थीम ‘बुराई पर अच्छाई की जीत’ रही। इस दौरान शिक्षकों ने दशहरा कथा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति देकर विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम की शिक्षाओं और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान छोटे बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। ब्लूम्स-1 के विद्यार्थियों ने गुब्बारे फोड़ने की गतिविधि में भाग लिया, जबकि ब्लूम्स-2 के बच्चों ने बुराई को छोड़कर अच्छाई चुनने का संदेश दिया। ब्लूम्स-3 के विद्यार्थियों ने सकारात्मकता से जुड़ी गतिविधि में भाग लिया। पहली कक्षा के बच्चों ने दशहरा गुब्बारा चुनौती और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने रावण की दस बुराइयों को दर्शाती गतिविधि के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।
तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए भी विशेष गतिविधियां करवाई गईं। तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने अच्छाई के तीर-कमान से जुड़ी गतिविधि में भाग लिया। चौथी कक्षा के बच्चों ने रावण के दस सिरों को दस बुरी आदतों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने रावण के पुतले को जलाने के बजाय अपनी बुरी आदतों को छोड़ने का संदेश दिया।

विद्यालय के चेयरमैन रमन वाट्स ने कहा कि दशहरा केवल त्योहार नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन है। अहंकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह विनम्रता के आगे छोटा पड़ जाता है। पीटीए अध्यक्ष नरेंद्र सचदेवा ने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार बचपन से ही विकसित करने चाहिए। सच्ची जीत दूसरों को हराने में नहीं, बल्कि अपनी बुरी आदतों पर विजय पाने में है।
निदेशक दीपक शर्मा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य किताबी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों को जीवन की सीख देना भी है। जो बच्चा आज अपनी एक बुरी आदत छोड़ता है, वही भविष्य में समाज का आदर्श नागरिक बन सकता है। प्रधानाचार्या संगीता तिन्ना ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाना है। उपप्रधानाचार्या सीमा धींगड़ा ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने के लिए मर्यादा और अनुशासन सीखना जरूरी है। विद्यालय में खेल-खेल के माध्यम से बच्चों को यही शिक्षा देने का प्रयास किया गया।