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दुकानों, घरों के बाहर बोर्ड पंजाबी भाषा में हों – नरिन्दरपाल सिंह सवना

दुकानों, घरों के बाहर बोर्ड पंजाबी भाषा में हों – नरिन्दरपाल सिंह सवना

Opinion Poll

पंजाब चुनाव 2027 में किसकी सरकार बन सकती है?

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 2027 में किसकी सरकार बनेगी? इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए राजनीतिक गलियारों से लेकर जनता के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पंजाब में बहुमत का जादुई आंकड़ा 59 सीटें हैं। इस बार का मुकाबला एकतरफा न होकर आप (AAP), कांग्रेस (INC), बीजेपी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच बहुकोणीय होने की उम्मीद है।

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फाजिलका-(दलीप दत्त)- मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के योग्य नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पंजाब की राज्य भाषा पंजाबी को पूर्ण रूप में लागू करने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी के अंतर्गत फाजिल्का के एमएलए नरिन्दरपाल सिंह सवना द्वारा नगर कौंसिल दफ्तर में शहर के गणमान्य लोगों को संबोधन करते कहा कि वह अपने घरों, दुकानों के बाहर लगाए जाने वाले बोर्ड पंजाबी भाषा ( गुरमुखी लिपि) में लिखे हों। भगवंत सिंह मान द्वारा पंजाबी भाषा के सम्मान के लिए बहुत बढ़िया प्रयास किए जा रहे हैं।  सवना ने कहा कि पंजाबी हमारी मां - बोली है, समूह शहर निवासियों और दुकानदारों को पंजाबी मातृभाषा के सम्मान देते हुए अपने घरों, दुकानों, सरकारी, गैर सरकारी प्राईवेट स्कूलों, कालेजों के नाम पंजाबी भाषा में लिखे हों। इस संबंधी भाषा विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर जिला भाषा अधिकारी  फाजिल्का भुपिन्दर उतरेजा ने बताया कि 21 फरवरी 2023 तक राज्य भाषा पंजाबी( गुरमुखी लिपि में) को अधिक महत्ता देने के लिए समूह सरकारी, अर्द्ध सरकारी, विभागों, संस्थानों, बोर्डों, निगमों और गैर सरकारी संस्थानों, पब्लिक और प्राईवेट दुकानों और व्यापारिक संस्थानों के नाम और सड़कों के नाम/ नाम पट्टियां/ मील पत्थर/ संकेत बोर्ड लिखने समय सब से पहले अतिरिक्त तरफ पंजाबी भाषा (गुरमुखी लिपि) में लिखे जाएं और यदि किसी और भाषा में लिखना हो तो पंजाबी भाषा से नीचे दूसरी भाषा में लिखने के लिए हिदायत की गई है। इस मीटिंग में नगर कौंसिल कार्यकारी अधिकारी व शहर के एम. सी आदि शामिल थे।