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जलालाबाद में मेडिकल संचालकों को पुलिस की सख्त चेतावनी, बिना पर्ची न बेचें नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाएं

थाना प्रभारी मोहित धवन ने मेडिकल संचालकों से संदिग्ध खरीद-बिक्री की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

जलालाबाद में मेडिकल संचालकों को पुलिस की सख्त चेतावनी, बिना पर्ची न बेचें नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाएं

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पंजाब चुनाव 2027 में किसकी सरकार बन सकती है?

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 2027 में किसकी सरकार बनेगी? इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए राजनीतिक गलियारों से लेकर जनता के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पंजाब में बहुमत का जादुई आंकड़ा 59 सीटें हैं। इस बार का मुकाबला एकतरफा न होकर आप (AAP), कांग्रेस (INC), बीजेपी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच बहुकोणीय होने की उम्मीद है।

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जलालाबाद, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मोहित धवन ने मेडिकल स्टोर संचालकों को नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित अथवा नशे में इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं किसी भी व्यक्ति को न बेची जाएं।

थाना प्रभारी मोहित धवन ने मेडिकल संचालकों से संदिग्ध खरीद-बिक्री की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

युवाओं को नशे से बचाने में मेडिकल संचालकों की अहम भूमिका

इंस्पेक्टर मोहित धवन ने कहा कि नशे में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री युवाओं को नशे की ओर धकेलने का बड़ा कारण बन सकती है। ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेडिकल संचालक केवल दवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं को नशे से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध तरीके से नशे में प्रयुक्त दवाएं खरीदने या बेचने का प्रयास करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।

नशे के खिलाफ सामूहिक सहयोग की अपील

थाना प्रभारी ने कहा कि नशे के कारण अनेक परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसका असर अपराध और कानून-व्यवस्था पर भी पड़ता है। इसलिए नशे की दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए पुलिस के साथ मेडिकल संचालकों, परिवारों और आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। यह परिवार, मेडिकल संचालकों और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।