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इंसाफ की मांग को लेकर जुडिशियल कोर्ट कांप्लेक्स में बनी पानी वाली टंकी पर चढ़े दोना नानका व मंडी हजूर सिंह के लोग

इंसाफ की मांग को लेकर जुडिशियल कोर्ट कांप्लेक्स में बनी पानी वाली टंकी पर चढ़े दोना नानका व मंडी हजूर सिंह के लोग

Opinion Poll

पंजाब चुनाव 2027 में किसकी सरकार बन सकती है?

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 2027 में किसकी सरकार बनेगी? इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए राजनीतिक गलियारों से लेकर जनता के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पंजाब में बहुमत का जादुई आंकड़ा 59 सीटें हैं। इस बार का मुकाबला एकतरफा न होकर आप (AAP), कांग्रेस (INC), बीजेपी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच बहुकोणीय होने की उम्मीद है।

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फाजिलका-(दलीप दत्त)-   फाजिल्का में इंसाफ की मांग को लेकर दोना नानका व मंडी हजूर सिंह के लोग अपने बच्चों सहित कुल 8 लोग जुडिशियल कोर्ट कांप्लेक्स में बनी पानी वाली टंकी पर चढ़ गए। मौके पर मौजूद पारिवारिक सदस्यों द्वारा कई तरह के आरोप भी लगाए गए। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए तथा उनके द्वारा संबंधित लोगों को पानी वाली टंगी से नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा मौके पर पहुंचे जिला और सेशन जज मैडम जतिंदर कौर भी मौके पर पहुंचे जिनके द्वारा तुरंत डीसी को बुलाकर उनका मैटर साल्व करने की बात कही।जानकारी देते हुए गांव दोना नानका निवासी राज रानी ने बताया कि उसका पति पंचायती सैक्ट्री था जिसे डीसी द्वारा सस्पेंड किया गया है। जिसके बाद उनके द्वारा इंसाफ की गुहार लगाई गई लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। उसने बताया कि मंडी हजूर सिंह के मेट गुरचरन सिंह, सरपंच संदीप सिंह व एपीओ करन कटारिया ने मरे हुए लोगों के अधार कार्ड चढाकर नरेगा के पैसे निकाल लिए जबकि उसके पति परमजीत सिंह को फंसा दिया गया जिसके चलते वह एक महीना जेल काटकर आया है। उसने बताया कि मनरेगा की डिमांड सरपंच संदीप सिंह के पास होती है और मस्टरोल और हाजरी सरपंच और मेट गुरचरन सिंह लगाता है और बैंक खाते ए.पी.ओ करन कटारिया जोड़ कर मनरेगा के पैसे और मस्टरोल जारी करता है इन तीनों ने मिल कर मरे हुए लोग और जो व्यक्ति गांव छोड़ गए हैं उन की हाजरियां अपने समय दौरान मनरेगा में लगाई थी और मरे हुए व्यक्ति काम रहे हैं परंतु सजा हमें अनपढ़ बंदों को क्यों और इन द्वारा ही मौके के खाते खुलवाए गए और उस पर अपने नंबर दिए गए।पूरे केस की सही जांच एस. एस. पी फाजिल्का और डी. सी. दफ्तर फाजिल्का द्वारा नहीं की गई और आज भी वह आरोपी शरेआम आजाद घूम रहे हैं और हमें गरीब व्यक्तियों को अदालतों के बेकसूर होते हुए भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हमारे द्वारा इनवायरियां लगाई गई परंतु फाजिल्का के विभाग द्वारा कोई भी जांच नहीं की गई जिसके बाद उनके द्वारा इंक्वायरी ए. डी. सी (डी) संगरूर को मार्क करवाई जहां ए. पी.ओ करन कटारिया और संदीप सिंह ने एम. एल. ए. सवना द्वारा कुलदीप सिंह धालीवाल को कह कर इंक्वायरी को रोक दिया और इंक्वायरी वापिस फाजिल्का को भेजने के लिए सिफारिश करवाई। राज रानी ने कहा कि इस मामले की जांच करवाई जाए तथा आरोपियों को सजा दी जाए तथा उसके पति परमजीत सिंह को जोब दी जाए। उन्होंने बताया कि वह दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उसने बताया कि बीते दिन वह एडीसी फाजिल्का के पास पेश हुए थे जिस पर उन्होंने कहा कि उसका मसला हल नहीं हो सकता तथा बार-बार टालमटोल करते रहे। इसके अलावा व इलाका विधायक नरेन्द्रपाल सिंह सवना को भी मामले से अवगत करवा चुके हैं लेकिन कोई हल नहीं किया जा रहा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार नरिंदरपाल सिंह का कहना था कि यह मसला 3 साल पुराना है उनका कहना था कि संबंधित परिवार का आरोप है कि आरोपियों को बरी कर दिया गया तथा निर्दोशों पर पर्चा दर्ज कर दिया गया है। उन्होंने उनको यह भी कहा है कि वह नीचे आ जाएं उनकी अधिकारियों से मीटिंग करवा दी जाएगी लेकिन वह उनकी बात नहीं मान रहे और नीचे भी नहीं आ रहे। समाचार लिखे जाने तक उक्त लोग अभी तक पानी की टंकी पर चढ़े हुए थे।