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फाजिल्का के हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त छापेमारी

बॉर्डर रोड और अन्नी दिल्ली क्षेत्र की मेडिकल दुकानों की गहन जांच

फाजिल्का के हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त छापेमारी
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नियमों का उल्लंघन करने पर कई दवाइयां सील, आगे की कार्रवाई जारी
फाजिल्का के हॉटस्पॉट इलाकों अन्नी दिल्ली और बॉर्डर रोड समेत विभिन्न स्थानों पर पुलिस प्रशासन और ड्रग विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। इस दौरान क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों की गहन चेकिंग की गई, जहां नियमों में अनियमतताएं पाए जाने पर कई दवाओं को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान फाजिल्का के डीएसपी बलविंदर सिंह और थाना सिटी के एसएचओ सचिन कंबोज विशेष रूप से मौजूद रहे।
मामले की पूरी जानकारी देते हुए ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जिला डिप्टी कमिश्नर (डीसी) और सिविल सर्जन के निर्देशों के साथ-साथ एसएसपी द्वारा चिन्हित किए गए हॉटस्पॉट इलाकों के तहत यह जांच अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि अन्नी दिल्ली क्षेत्र में दो मेडिकल फर्मों की जांच की गई, जहां ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत उल्लंघनों के मामले सामने आए। दुकानों में खरीद और बिक्री (सेल-परचेज) के रिकॉर्ड सही तरीके से बनाए नहीं गए थे। इसके अलावा, कैंसर और मनोरोग (साइकियाट्रिक) के मरीजों को दी जाने वाली प्रतिबंधित दवाओं के वितरण का अनिवार्य रिकॉर्ड भी कार्यालय में जमा नहीं कराया गया था।
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, जांच के दौरान एक दुकान में दवाइयों के खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में अंतर पाया गया, जिसके बाद उन संदिग्ध दवाओं को मौके पर ही सील कर दिया गया। सील की गई दवाओं में जोल्पीडेम (Zolpidem) और अल्प्राजोलम (Alprazolam) जैसी दवाएं शामिल हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर ने अन्य सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सभी दुकानदार अपना रिकॉर्ड पारदर्शी और सही तरीके से मेंटेन करें। बिना बिल या रिकॉर्ड के किसी भी दवा की खरीद-बिक्री न की जाए और संदिग्ध दवाओं के अनुचित उपयोग से परहेज किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 223 के तहत प्रेगाबालिन ( 150 mg / 300 mg) जैसी दवाओं का बिना वैध लाइसेंस या रिकॉर्ड के भंडारण करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
ड्रग विभाग की टीम ने बताया कि सील की गई दवाओं को माननीय एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत कर कस्टडी ऑर्डर लिया जाएगा, जिसके बाद मामले को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी, फिरोजपुर जोन को भेजा जाएगा।