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Fazilka News-:12 वर्षीय नेत्रदानी खुशी बब्बर का परिवार सम्मानित

जिंदगी चलने का नाम है और अपनी गति से चलती रहती है

Fazilka News-:12 वर्षीय नेत्रदानी खुशी बब्बर का परिवार सम्मानित
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फाजिल्का: लगभग 5 वर्ष पूर्व 22 नवंबर 2021 को एक अत्यंत दुखद घटना में फाजिल्का निवासी सरकारी स्कूल के लेक्चरार पवन बब्बर तथा रितु बब्बर की 12 वर्षीय बेटी खुशी बब्बर गिरकर बेसुध हो गई तथा लाख कोशिशों के बाद भी डाक्टर उसे बचा नहीं पाए। हंसती-खेलती बच्ची की मौत से पूरा परिवार सदमे में डूब गया था। कोई भी जानकार व्यक्ति खुशी के ऐसे असामयिक जाने को सहन नहीं कर पा रहा था। इस विकट दुख की घड़ी में मां रितु तथा उसके 18 वर्षीय भाई अभिनंदन ने हिम्मत दिखाते हुए खुशी की आंखें दान करने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंेने एक संबंधी संदीप खुराना के माध्यम से सोशल वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष शशिकांत तथा नेत्रदान प्रोजेक्ट चेयरमैन रवि जुनेजा के साथ संपंर्क किया। सोसायटी के शिष्टमंडल ने हीरे जैसे चमकता हुआ ‘ए’ ग्रेड कोर्निया तुरंत दान करवाया। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे जिंदगी की रोशनी तैर रही हो। दान किया गया कोर्निया पुनर्जोत आई बैंक सोसायटी लुधियाना को भेजा गया जहां 22 और 27 वर्ष के 2 नेत्रहीन युवाओं को खुशी का कोर्निया प्रत्यारोपित कर दिया गया जिससे वह इस सुंदर संसार को देखने में सक्षम हुए। खुशी के जाने का गम परिवार में किसी भी तरह कम नहीं हुआ। जिंदगी चलने का नाम है और अपनी गति से चलती रहती है। समाजसेवा तथा नेत्रदान को प्रोत्साहित करने में बब्बर परिवार आज भी जुटा हुआ है। उन्हें सोशल वेल्फेयर सोसायटी के आंखों कैंप में आमंत्रित किया गया और उन्हें खुशी बब्बर की आंखें दान करने के उपलक्ष्य में स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सोसायटी के अध्यक्ष शशिकांत ने जब इस नेत्रदान का व्याख्यान एक बार फिर किया तो सभी उपस्थित जन भावुक हो गए और उन्होंने बब्बर परिवार की भूरि-भूरि प्रशंसा की।