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सर्वहितकारी विद्या मंदिर फाजिल्का में संस्कार केंद्र की बहनों का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, 89 प्रतिभागियों ने लिया भाग

दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के सफल आयोजन के प्रशिक्षण वर्ग में पधारे सभी गणमान्य अतिथियों का श्रीमती मधु शर्मा ने धन्यवाद किया।

सर्वहितकारी विद्या मंदिर फाजिल्का में संस्कार केंद्र की बहनों का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, 89 प्रतिभागियों ने लिया भाग
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फाजिल्का। स्थानीय सर्वहितकारी विद्या मंदिर, फाजिल्का के परिसर में विद्या भारती की ओर से संस्कार केंद्र की बहनों (शिक्षिकाओं) के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य संस्कार केंद्रों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षिकाओं को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, नैतिक मूल्यों और संस्कार आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से परिचित करवाना था।

प्रशिक्षण वर्ग के दौरान शिक्षिकाओं को बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने और खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने की विभिन्न विधियों पर भी मार्गदर्शन किया गया।

विद्या भारती के पदाधिकारियों ने किया मार्गदर्शन

इस प्रशिक्षण वर्ग में विद्या भारती के पूर्णकालिक संरक्षक, उत्तर क्षेत्र संयोजक एवं हरियाणा सेवा विभाग प्रमुख डॉ. सुभाष शर्मा, संगरूर एवं फिरोजपुर-फाजिल्का बॉर्डर विभाग के संयोजक सुरेश पाल, श्री मुक्तसर साहिब एवं लुधियाना विभाग के संयोजक देवेंद्र, प्रांत के शारीरिक एवं घोष संयोजक नरेश पाल तथा सेवा प्रांत संयोजक सरदार कर्मजीत परमार का विशेष मार्गदर्शन रहा।

इसके अलावा विद्या मंदिर के प्रबंधक अशोक मोंगा और विनोद जुनेजा ने भी प्रशिक्षण वर्ग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी मार्गदर्शकों ने संस्कार केंद्रों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

89 बहनों एवं अधिकारियों ने लिया भाग

दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में फिरोजपुर बॉर्डर एवं फाजिल्का क्षेत्र की कुल 89 बहनों और अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें संस्कार केंद्रों की 79 संचालिका दीदियां, 4 ब्लॉक प्रमुख, 2 विभाग संयोजक तथा क्षेत्रीय अधिकारी, अधिकारी, प्रांत सेवा संयोजक और प्रांत शारीरिक संयोजक सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

प्रशिक्षण वर्ग की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सर्वहितकारी विद्या मंदिर के 15 आचार्यों एवं दीदियों ने सहयोग दिया।

बाल विकास और संस्कार आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर

प्रशिक्षण के दोनों दिनों में संस्कार केंद्र की बहनों को बाल विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, खेल-खेल में शिक्षण तथा बच्चों में अच्छे संस्कारों के बीज बोने की प्रभावी विधियों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षिकाओं की शिक्षण क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना तथा संस्कार केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे आचरण, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ना रहा।

समापन समारोह में सीखे गए गुरों को व्यवहार में अपनाने का आह्वान

प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती मधु शर्मा ने संस्कार केंद्र की बहनों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों के बारे में जानकारी ली और विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।

उन्होंने शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण वर्ग में सीखी गई शिक्षण विधियों और गतिविधियों को अपने दैनिक शिक्षण कार्य में अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास को और बेहतर बनाया जा सके।

समापन अवसर पर श्रीमती मधु शर्मा ने प्रशिक्षण वर्ग में पधारे सभी गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद किया। दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के सफल आयोजन के साथ शिक्षिकाओं को संस्कार आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए नई दिशा और प्रेरणा मिली।

पंजाब पत्रिका | फाजिल्का की शिक्षा एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरें।