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श्रीराम के आदर्शों के साथ जीनियस कॉन्वेंट स्कूल कटैहड़ा में मनाया गया दशहरा, नन्हे सहजदीप की प्रस्तुति ने मोहा मन

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता सपडा ने सभी विद्यार्थियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं

श्रीराम के आदर्शों के साथ जीनियस कॉन्वेंट स्कूल कटैहड़ा में मनाया गया दशहरा, नन्हे सहजदीप की प्रस्तुति ने मोहा मन
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फाजिल्का। जीनियस कॉन्वेंट स्कूल, कटैहड़ा में दशहरा पर्व श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित करवाते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में सत्य, धर्म, मर्यादा, अनुशासन और सदाचार जैसे नैतिक मूल्यों का विकास करना तथा उन्हें भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं से जोड़ना रहा।

नन्हे सहजदीप ने भगवान श्रीराम का रूप धारण कर बांधा समां

दशहरा समारोह का विशेष आकर्षण केजी-1 (K1) कक्षा के नन्हे विद्यार्थी सहजदीप रहे, जिन्होंने भगवान श्रीराम का रूप धारण किया। सहजदीप ने मधुर स्वर में प्रसिद्ध भजन “रघुपति राघव राजा राम” प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

उनकी आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और खूब सराहना बटोरी। नन्हे विद्यार्थी की प्रस्तुति ने समारोह को यादगार बना दिया तथा बच्चों में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उत्साह देखने को मिला।

 

प्रधानाचार्या कविता सपडा ने विद्यार्थियों को दिया श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता सपडा ने सभी विद्यार्थियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनके आदर्श हमें जीवन में कठिन परिस्थितियों के दौरान भी सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने, बड़ों का सम्मान करने और सदैव सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

प्रबंध निदेशक राघव सपडा ने बताया त्योहारों का महत्व

विद्यालय के प्रबंध निदेशक श्री राघव सपडा ने भी विद्यार्थियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और जीवन में अच्छे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त करते हैं।

सत्य की असत्य पर विजय का दिया प्रेरणादायक संदेश

जीनियस कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित दशहरा समारोह पूरे समय उत्साह और उमंग से भरा रहा। विद्यार्थियों की सुंदर प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि दशहरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में नैतिकता, अनुशासन और सदाचार को स्थान दे सकता है।

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