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राम रहीम की पैरोल पर सुनवाई अब हाईकोर्ट ने 28 फरवरी की तय, SGPC ने दी है चुनौती

राम रहीम की पैरोल पर सुनवाई अब हाईकोर्ट ने 28 फरवरी की तय, SGPC ने दी है चुनौती

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पंजाब चुनाव 2027 में किसकी सरकार बन सकती है?

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 2027 में किसकी सरकार बनेगी? इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए राजनीतिक गलियारों से लेकर जनता के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पंजाब में बहुमत का जादुई आंकड़ा 59 सीटें हैं। इस बार का मुकाबला एकतरफा न होकर आप (AAP), कांग्रेस (INC), बीजेपी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच बहुकोणीय होने की उम्मीद है।

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चंडीगढ़-(पंजाब वार्ता ब्यूरो)- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा डेरा प्रमुख की पैरोल को दी चुनौती की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई। हाईकोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। मामले में डेरा प्रमुख व हरियाणा सरकार समेत अन्य को प्रतिवादी पक्ष बनाया गया है, जिन्हें अपना जवाब दायर करना है।

इससे पहले मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डेरा मुखी व हरियाणा सरकार समेत अन्य प्रतिवादी पक्ष को आज, 17 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। हाईकोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख को दस्ती नोटिस भेजा गया था। SGPC द्वारा दायर याचिका में हरियाणा के मुख्य सचिव, गृह सचिव, रोहतक आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, पंजाब गृह विभाग के प्रधान सचिव, केंद्रीय गृह सचिव, सुनारिया जेल अधीक्षक, ​​​​​​रोहतक DC और डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में रोहतक मंडल आयुक्त द्वारा पैरोल देने में वैधानिक नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।SGPC ने 20 जनवरी को रोहतक आयुक्त द्वारा राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल देने के आदेश को हरियाणा सदाचार कैदी (अस्थायी रिहाई) अधिनियम 2022 की धारा-11 के प्रावधान के खिलाफ बताते हुए इसे रद करने की मांग की है। याचिका में पैरोल की समयावधि के दौरान राम रहीम के गैरकानूनी बयानों और गतिविधियों से खतरनाक परिणाम बारे कोर्ट को अवगत कराया गया है। SGPC ने याचिका में इस पैरोल को भारत की संप्रभुता-अखंडता को खतरे में डालने और देश में सार्वजनिक सद्भाव, शांति व सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए खतरा बताया है।याचिका के अनुसार हत्या व दुष्कर्म जैसे मामलों में सजा काट रहे राम रहीम को पैरोल देना हरियाणा सरकार की नीति के खिलाफ है। याचिका के अनुसार राम रहीम अदालतों के तीन आदेशों के तहत सजा काट रहा है, लेकिन पैरोल का आदेश केवल एक मामले में जारी किया गया है। याचिका में डेरा प्रमुख द्वारा सिख समुदाय को अस्थिर करने के लिए उपदेश देने बारे भी कहा गया है। इससे पंजाब और भारत के अन्य राज्यों में हिंसा भड़का सकने का अंदेशा जताया गया है।याचिकाकर्ता के अनुसार डेरा प्रमुख को गुरुग्रंथ साहिब जी के खिलाफ जहरीला प्रचार करने की आदत है। इससे सिखों और उनके बीच तनावपूर्ण संबंध बने हैं। पंजाब के विभिन्न थानों में इस संबंध में कई केस दर्ज किए गए हैं। इनमें डेरा प्रमुख के खिलाफ बेअदबी की कई एफआईआर शामिल हैं। आरोपी वर्तमान में अग्रिम जमानत पर है।