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ठेकेदार बिचौलियों और कॉर्पोरेट समर्थकी निकली मान सरकार- रविन्द्र सिंह रिंकू

ठेकेदार बिचौलियों और कॉर्पोरेट समर्थकी निकली मान सरकार- रविन्द्र सिंह रिंकू

Opinion Poll

पंजाब चुनाव 2027 में किसकी सरकार बन सकती है?

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 2027 में किसकी सरकार बनेगी? इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए राजनीतिक गलियारों से लेकर जनता के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पंजाब में बहुमत का जादुई आंकड़ा 59 सीटें हैं। इस बार का मुकाबला एकतरफा न होकर आप (AAP), कांग्रेस (INC), बीजेपी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच बहुकोणीय होने की उम्मीद है।

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-मान सरकार ने कच्चे कर्मचारी ठेकेदार को बेचे, सरकारी विभाग लगाए सेल पर- मनप्रीत सिंह -सोई सरकार को जगाने के लिए 18 मार्च से संगरूर में लगेगा पक्का मोर्चा - उडीक कम्बोज

 फाजिलका-(दलीप दत्त)-पंजाब रोडवेज पनबस/ पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25/11 द्वारा बनाए प्रोग्राम के अंतर्गत पंजाब के 27 डिपुओं के आगे गेट रैलियां की गई सब डीपू फाजिल्का के गेट पर बोलते डीपू प्रधान रविन्द्र सिंह रिंकू और चेयरमैन प्रितपाल सिंह गिल ने कहा कि हम पिछले लंबे समय से पनबस और पीआरटीसी में कांट्रैक्ट और आउटसोर्स और काम कर रहे हैं मान सरकार से बहुत सारी उम्मीदों थी परंतु आम आदमी की सरकार ने पिछली सरकारों की तरह ही निकलती नजर आ रही है विभागों और कर्मचारियों खिलाफ विरोधी नीतियां पहले से भी अधिक तेजी के साथ लागू की जा रही हैं क्योंकि पहले मुख्य मंत्री भगवंत मान के बयान थे कि ठेके पर भर्ती नहीं होगी अब विधान सभा में बयान दिया कि ठेकेदार बिचौलियों को बाहर निकाला जाएगा परंतु पनबस और पीआरटीसी में सारा कुछ उल्टा हो रहा है ठेकेदार बिचौलियों की संख्या 1 से बढाकर 3 कर दी गई है और 18 डिपुओं को 6-6-6 में बांटने की तैयारी है और नया ठेकेदार हरियाणे से लाया गया है और ठेकेदार के साथ 3-4 सालों का कांट्रैक्ट किया जा रहा है जिस से साबित होता है कि पक्के करने या कांट्रैक्ट पर करना यह मुख्य मंत्री पंजाब के बयान और दावे झूठे साबित होते हैं दूसरी तरफ आउटसोर्सिंग पर भर्ती करके पंजाब के नौजवान को रोज नए ठेकेदार को बेचना और पक्के करने की कोई पालिसी न बना कर भविष्य खतरे में डालने से ठेकेदार कारण विभाग का जीएसटी और कमिशन के रूप में 20 करोड़ रुपए के करीब एक साल का नुकसान हो रहा है इस संबंधी हरियाणा सरकार द्वारा ठेकेदार निकाल कर एक विंग द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर करने के सबूत भी सरकार को यूनियन द्वारा पिछली मीटिंगों में पेश करके ठेकेदार निकालने की मांग की गई है परंतु फिर भी हल नहीं हो रहा दूसरी तरफ इमानदारी का ढिंडोरा पीटने वाली सरकार में मोटी रिश्वत ले कर ठेकेदार द्वारा भर्ती की जा रही है और सभी सबूत देने के बावजूद चीफ सैक्ट्री पंजाब द्वारा या विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई और चीफ सैक्ट्री पंजाब द्वारा 19/ 12/ 22 की मीटिंग में मानीं मांगों जैसे वेतन में विस्तार लागू करने, बलैकलिस्ट कर्मचारी को बहाल करने, रिपोर्टों की कंडीशनें खत्म करने को एक महीने में लागू करने का भरोसा दिया था और सरकारी प्रैस बयान भी जारी किया था परंतु अब तक कोई भी मांग का हल नहीं किया गया।

सैक्ट्री मनप्रीत सिंह, शाम सिंह, सीनियर उपाध्यक्ष दलजीत सिंह, प्रांतीय नेता उडीक कबोज ने कहा कि पंजाब सरकार की ट्रांसपोर्ट विभाग खत्म करने की नीतियां यहीं खत्म नहीं होती। पीआरटीसी में भी प्राईवेट मालिकों की बसों को किलोमीटर स्कीम के अंतर्गत डाल कर प्रति किलोमीटर 8 रुपए मतलब एक दिन में 500 से अधिक किलोमीटर पर 4000 से 5000 रुपए की लूट जोकि 6 सालों में करीब 1 करोड़ रुपए प्राईवेट बस मालिकों को सरकारी खजाने की लूट करवाने की तैयारी में है और बस फिर प्राईवेट मालिकों की हो जानी है जब कि एक सरकारी बस 28-29 लाख रुपए में आती है और 14-15 साल तक लोगों को सफर सहूलतें देती है इस से साबित होता है कि सरकार बदली है परंतु नीतियां पालिसी वही हैं जो पहले थी अब तो मान साहिब ने सरकारी ट्रांसपोर्ट और सरकारी परमिटों को सेल पर लगा दिया है बजट सैशन बारे बोलते उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए कुछ ख़खास नहीं रखा गया न तो नई बसें डालने के लिए न ही किसी कर्मचारी को पक्का करने के लिए और न ही कोई ट्रांसपोर्ट माफिया खत्म करने के लिए कोई विशेष प्रयास किया है जो बजट औरतों के फ्री सफर सहूलतों के लिए 497 करोड़ का रखा गया है उस से अधिक पहले जुलाई अगस्त से अब तक के पुराने पैसे लेने वाले खड़े हैं जिस कारण रोडवेज के बनने से ले कर इतिहास में पहली बार रोडवेज का टैक्स टूटा है और बसें डीजल, सपेयरपार्ट, टायरों पर खड़ी हैं और कर्मचारियों को हर महीने वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ता है 2-2 महीने वेतन नहीं आता इस लिए सरकार की ट्रांसपोर्ट विभाग को खत्म करने की नीतियां सामने आ रही हैं ट्रांसपोर्ट मंत्री पंजाब भी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं और विभाग में चल रही क्रप्शन और ट्रांसपोर्ट माफिया नाजायज चलतीं बसों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही और टाइमटे बल में बड़ी धांधली चल रही है। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर कैंट से शरेआम ट्रांसपोर्ट माफिया चल रहा है। डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर, आरटीओ, और जरनल मैनेजर पंजाब रोडवेज फिरोजपुर को इस संबंधी बार-बार कहे पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही इस से साबित होता है कि यह सरकार भी ट्रांसपोर्ट माफिया के साथ मिल चुकी है विभाग के लिए लड़ने वाले चालक कंडकटरों को छोटी-छोटी गलती कारण नौकरी से निकाला गया है और बलैकलिस्ट किया गया है जिस का कारण क्रप्शन के द्वारा नई भरती करके ड्राइवर व कंडक्टर बना कर नौजवान की जिंदगी के साथ हमारी तरह ही खिलवाड़ करना है अब वर्कशाप की भर्ती में भी बड़े क्रप्शन की शंका है क्योंकि वर्कशाप की आउटसोर्स भर्ती बारे विभाग के अधिकारियों का कहना है हमें पता नहीं ठेकेदार नौजवान को पर्सनल फोन कर रहा है और बिना कोई मेरिट सूची जारी किए ही भर्ती की जा रही है सरकार की विरोधी नीतियों से तंग आकर और ठेकेदार बाहर निकालने की मांग, आउटसोर्स भर्ती बंद करने की मांग, किलोमीटर स्कीम बसें न डाल कर सरकारी बसें डालने की मांग, वेतनों में विस्तार लागू करवाने और निकाले कर्मचारियों को बहाल करवाने के लिए यूनियन द्वारा तिथि 18 मार्च से मुख्य मंत्री पंजाब की रिहायश संगरूर में रोश धरना शुरू किया जाएगा। इस धरने में यूनियन की तरफ से सभी किसान, मजदूर कर्मचारीम, नौजवान, समूह जनतक जत्थेबंदियों से अपील की जाती है कि सरकारी ट्रांसपोर्ट को बचाने के लिए और सफर सहूलतें चालू रखने के लिए ट्रांसपोर्ट के कच्चे कर्मचारियों का साथ दिया जाए। इस मौके हरभजन सिंह, सुरजीत सिंह, नवदीप सिंह ने वर्करों को संघर्षो के प्रति लामबंद किया और सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्दी कोई हल न निकाला गया तो हड़ताल सहित पंजाब के रोड बंद करने जैसे तीखे एक्शन करने के लिए यूनियन मजबूर होगी।