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भगोड़ा अमृतपाल सिंह को पुलिस ने किया काबू, लेकर जाया जा रहा है आसाम की जेल डिब्रूगढ़।

भगोड़ा अमृतपाल सिंह को पुलिस ने किया काबू, लेकर जाया जा रहा है आसाम की जेल डिब्रूगढ़।

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पंजाब चुनाव 2027 में किसकी सरकार बन सकती है?

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 2027 में किसकी सरकार बनेगी? इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए राजनीतिक गलियारों से लेकर जनता के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पंजाब में बहुमत का जादुई आंकड़ा 59 सीटें हैं। इस बार का मुकाबला एकतरफा न होकर आप (AAP), कांग्रेस (INC), बीजेपी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच बहुकोणीय होने की उम्मीद है।

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-मोगा जिले के रोडे गांव से किया गिरफ्तार,18 मार्च से था भगोड़ा -गिरफ्तारी से पहले मोगा के गुरुद्वारे में प्रवचन दिया, समर्थकों के साथ सरेंडर का प्लान था - पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि किसी तरह की फेक न्यूज शेयर न करें। मोगा-(पंजाब वार्ता ब्यूरो)- 18 मार्च से भगोड़े अमृतपाल सिंह को रविवार सुबह पंजाब पुलिस ने मोगा से अरेस्ट कर लिया। अमृतपाल को रोडे गांव में एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले अमृतपाल ने गुरुद्वारे में प्रवचन दे रहा था। वह यहां अपने समर्थकों की भीड़ के साथ सरेंडर करना चाहता था। अमृतपाल को बठिंडा एयरपोर्ट से फ्लाइट के जरिए असम की डिब्रूगढ़ जेल ले जाया जाएगा। अमृतपाल पर NSA के तहत केस दर्ज है। अमृतपाल पिछले 36 दिन से फरार था। उसने अपने एक समर्थक की रिहाई के लिए 23 फरवरी को पंजाब के अजनाला थाने पर हमला किया था। 18 मार्च को पुलिस ने अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की थी, लेकिन अमृतपाल फरार हो गया। अमृतपाल ने कहा- गिरफ्तारी अंत नहीं शुरुआत है गिरफ्तारी से पहले अमृतपाल ने कहा, "यह जरनैल सिंह भिंडरांवाले का जन्म स्थान है। उसी जगह पर हम अपना काम बढ़ा रहे हैं और अहम मोड़ पर खड़े हैं। एक महीने से जो कुछ हो रहा है, वे सब सभी ने देखा है। अगर सिर्फ गिरफ्तारी की बात होती, तो गिरफ्तारी के बहुत तरीके थे। हम सहयोग करते। दुनिया की कचहरी में हम दोषी हो सकते हैं। सच्चे गुरु की कचहरी में नहीं। एक महीने बाद फैसला किया, इसी धरती पर लड़े हैं और लड़ेंगे। जो झूठे केस हैं, उनका सामना करेंगे। गिरफ्तारी अंत नहीं शुरुआत है। [caption id="attachment_2226" align="aligncenter" width="800"]                      हिरासत में लिए जाने के बाद अमृतपाल सिंह। पुलिस के अफसर सिविल ड्रेस में मोगा पहुंचे थे। [/caption] समर्थकों की भीड़ के साथ सरेंडर करना चाहता था अमृतपाल अमृतपाल समर्थकों की भीड़ के साथ सरेंडर करना चाहता था। इसके लिए वह शनिवार रात को मोगा के गांव रोडे पहुंचा। यहां उसके करीबियों ने पंजाब पुलिस के अफसरों से संपर्क किया। इसके लिए रविवार यानी आज का दिन चुना गया था। अमृतपाल सरेंडर के वक्त शक्ति प्रदर्शन करना चाहता था। पंजाब पुलिस को आशंका थी कि भीड़ जमा होने पर किसी तरह का माहौल बिगड़ सकता है। इस वजह से अमृतसर के एसएसपी सतिंदर सिंह और पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस के IG रविवार सुबह ही गांव रोडे के गुरूद्वारे में पहुंच गए। सादी वर्दी में पहुंची पुलिस ने सुबह ही अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया। 20 अप्रैल को अमृतपाल की NRI पत्नी किरणदीप कौर को अमृतसर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक लिया था। वह लंदन जा रही थीं। श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किरणदीप से 3 घंटे तक पूछताछ चली। इसके बाद किरणदीप को छोड़ दिया गया था।